ईरान-इजरायल तनाव: ड्राई फ्रूट्स से लेकर पेट्रोल-डीजल तक, जानिए युद्ध से आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा सीधा असर?

MoneySutraHub Team

 Iran Israel War: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। जानिए कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल से लेकर सूखे मेवे तक, आम आदमी की जेब कैसे ढीली हो सकती है।

Iran Israel War, Impact on India

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में इन दिनों हालात ठीक नहीं हैं। ईरान और इजरायल के बीच चल रही तनातनी ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। भले ही यह लड़ाई भारत से हजारों किलोमीटर दूर लड़ी जा रही हो, लेकिन इसका सीधा असर हमारी रसोई और जेब पर पड़ सकता है।


भारत और ईरान के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी पुराने हैं। ऐसे में अगर वहां हालात बिगड़ते हैं, तो भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस युद्ध से आप और हम कैसे प्रभावित हो सकते हैं।


भारत ईरान से क्या-क्या खरीदता है?


हम शायद रोजमर्रा की जिंदगी में ध्यान न दें, लेकिन ईरान से बहुत सारा सामान हमारे बाजारों तक पहुंचता है:


सूखे मेवे (Dry Fruits): त्योहारों और शादियों में इस्तेमाल होने वाले बादाम, पिस्ता, खजूर, किशमिश और अखरोट बड़ी मात्रा में ईरान से आते हैं।


केसर (Saffron): दुनिया का सबसे अच्छा केसर ईरान में पैदा होता है। भारत इसके सबसे बड़े खरीदारों में से एक है।


ताजे फल: सेब, कीवी और आलूबुखारा जैसे स्वादिष्ट फल भी ईरान से भारतीय बाजारों में पहुंचते हैं।


खाद और रसायन: किसानों के लिए जरूरी फर्टिलाइजर (उर्वरक) और कुछ खास केमिकल भी हम ईरान से मंगाते हैं।


कच्चा माल: सड़कें बनाने में काम आने वाला डामर (बिटुमेन) और सल्फर जैसे खनिज भी वहां से आयात किए जाते हैं।


असली टेंशन: तेल और होर्मुज जलडमरूमध्य


इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता का विषय तेल है। ईरान की लोकेशन दुनिया के व्यापार के लिए बहुत अहम है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बसा है। आपको बता दें कि दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है।


भारत अपना ज्यादातर तेल सऊदी अरब, इराक और यूएई से खरीदता है, जो इसी रास्ते से होकर भारत पहुंचता है। भले ही हम सीधे ईरान से तेल न लें, लेकिन अगर युद्ध की वजह से इस रास्ते पर कोई रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई रुक जाएगी। इसका नतीजा यह होगा कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम आसमान छूने लगेंगे।


आम आदमी की जेब पर कैसे पड़ेगी मार?


अगर हालात नहीं सुधरे, तो आम आदमी को मुख्य रूप से 3 बड़े झटके लग सकते हैं:


महंगा पेट्रोल और डीजल: अगर कच्चे तेल की सप्लाई रुकी और दाम बढ़े, तो देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से राशन से लेकर सब्जियों तक, हर चीज के दाम बढ़ जाएंगे।


ड्राई फ्रूट्स होंगे महंगे: आयात पर असर पड़ने से त्योहारी सीजन में बाजार में पिस्ता, बादाम, खजूर और केसर की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।


खेती होगी महंगी: ईरान से खाद और केमिकल न आने पर खेती की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर अनाज की कीमतों पर पड़ेगा और खाने-पीने की चीजें महंगी हो जाएंगी।


कुल मिलाकर, ईरान और इजरायल का झगड़ा सिर्फ दो देशों की सीमा तक सीमित नहीं है। आज की ग्लोबल दुनिया में हर देश व्यापार के जरिए एक-दूसरे से जुड़ा है। ऐसे में अगर यह तनाव जल्द शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सप्लाई चेन बिगड़ने से भारत के आम आदमी को महंगाई का एक नया झटका लग सकता है।


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